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Random questions

  • क्या दुसरे धर्मों द्वारा इन्सान कमाल और उत्तमता तक पहुँच सकता है? और तौहीद तक कैसे पहुंचा जासकता है ?
    410 پیامبران و کتابهای آسمانی
    मौजूदा धर्मों में अगरचे थोड़ी बहुत सच्चाई दिखाई देती है लेकिन सच्चाई का सम्पूर्ण रूप यानि तौहीद अपने सही माना में इस्लाम में ही दिखाई देती है. इस बात की सब सी बड़ी दलील व प्रमाण यह है कि इन धर्मों की कोई मोतबर व मान्य सनद ...
  • ईमान क्या है?
    428 مراتب توحید
    आध्यात्मिक विषयों से गहरे लगाओ को ईमान कहते हैं जो इन्सान के समीप बहुत पवित्र और मुक़द्दस होते हैं, और इन्सान उनके लिए अपनी मोहब्बत और बहादुरी दिखाने को तय्यार रहता है. क़ुरआन में ईमान के दो पंख बताये गये हैं:इल्म(ज्ञान) और अमल(कर्म)). ...
  • अल्लाह ने इतने ज़्यादा नबियों को क्यों भेजा है?
    366 Philosophy of Religion
    अल्लाह का अपने बन्दों पर एक एहसान यह रहा है कि किसी भी ज़माने को रहनुमा और नबी के बग़ैर नहीं छोड़ा और पैग़म्बरों के भेजे जाने का सिलसिला किसी ज़माने में नहीं रुका और ज़मीन अल्लाह के नुमाइंदे और उसके दूत से कभी ख़ाली नहीं रही. ...
  • इन्सान की सफ़लता और उसका कमाल किस चीज़ में है .
    361 عرفان و اخلاق
    इस सवाल के व्यापक और तफ़सीली जवाब के लिए पहले दो बुनयादी सवालों का जवाब देना ज़रूरी है,. १. सआदत के मानी क्या हैं और क्या सआदत, कमाल से अलग है? २. इन्सान किस तरह का प्राणी है...?ऐसा मालूम पड़ता है कि कमाल, सआदत ...
  • शिया मज़हब सबसे अच्छा क्यों है?
    436 شیعه و دیگر مذاهب
    शिया मज़हब की बरतरी और श्रेष्ठता उसके हक़ और सच्चे होने की वजह से है. और सच्चा और सही दीन हर ज़माने में एक ही रहा है और दुसरे धर्म या तो सिरे से ही बातिल(झूठे) और बेबुनियाद हैं या अमान्य और मनसूख़ हो चुके हैं और ...

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  • ईमान क्या है?
    428 مراتب توحید
    आध्यात्मिक विषयों से गहरे लगाओ को ईमान कहते हैं जो इन्सान के समीप बहुत पवित्र और मुक़द्दस होते हैं, और इन्सान उनके लिए अपनी मोहब्बत और बहादुरी दिखाने को तय्यार रहता है. क़ुरआन में ईमान के दो पंख बताये गये हैं:इल्म(ज्ञान) और अमल(कर्म)). ...
  • क्या दुसरे धर्मों द्वारा इन्सान कमाल और उत्तमता तक पहुँच सकता है? और तौहीद तक कैसे पहुंचा जासकता है ?
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